इंटरनेशनल क्रिकेट के नियम जो आपके लिए जरुरी हैं || 42 Rules Of Cricket ||

Last updated on April 15th, 2024 at 08:32 am

क्रिकेट भारत का सबसे लोकप्रिय खेल हैं. किसी भी खेल के अपने नियम होते हैं ठीक उसी तरह क्रिकेट के भी अपने नियम और कायदे-कानून हैं. इन्हीं नियमों के दायरे में रहकर यह खेल खेला जाता हैं. हर खिलाड़ी MCC (Marylebone Cricket Club) द्वारा बनाए गए नियमों को मानने के लिए बाध्य होता हैं.

क्रिकेट के 42 नियम हैं जो हर क्रिकेटर और क्रिकेट प्रेमियों को जानना चाहिए, क्रिकेट के यह नियम घरेलु और अंतराष्ट्रीय स्तर पर लागु होते हैं. आप इनको इंटरनेशनल क्रिकेट के 42 नियम भी कह सकते हैं.

क्रिकेट के नियम एक क्रिकेट टीम में कितने खिलाड़ी होंगे, अंपायर का नियम और रोल, कब नो बॉल होती हैं और खिलाड़ी किस तरह से आउट होता हैं आदि शामिल हैं.

क्रिकेट के नियम की लिस्ट (42 Rules Of Cricket In Hindi)

क्रिकेट के 42 नियमों की लिस्ट निम्नलिखित हैं-

नियम संख्यानियम का सम्बन्ध
1.खिलाड़ियों से जुड़े नियम
2.सबस्टिट्यूट (substitute), रिटायर्ड, पारी & रनर्स के नियम
3.अंपायरिंग के नियम
4.स्कोर के नियम
5.बॉल के नियम
6.बैट के नियम
7.पिच के नियम
8.विकेट्स से जुड़े नियम
9.पॉपिंग, क्रीज़ और बॉलिंग से जुड़े नियम
10.क्रीज़ पर मार्क करने, पिच पर रोलिंग एवं पानी देने के नियम
11.पिच को कवर करने या ढ़कने का नियम
12.पारी (Innings) से जुड़े नियम
13.फॉलोऑन से जुड़े नियम
14.पारी घोषित करने से सम्बंधित नियम
15.ब्रेक या अंतराल से जुड़े नियम
16.मैच को शुरू या बंद करने से जुड़े नियम
17.ग्राउंड पर प्रैक्टिस से जुड़े नियम
18.रन (Run) के नियम
19.बॉउंड्री के नियम
20.बॉल खो जाना/गुम होना से जुड़े नियम
21.मैच के परिणाम से जुड़े नियम
22.ओवर से जुड़े नियम
23.डेड बॉल के नियम
24.नो बॉल के नियम
25.वाइड बॉल के नियम
26.लेग बाय और बाय से जुड़े नियम
27.अपील से जुड़े नियम
28.विकेट गिरने के नियम
29.बल्लेबाज के क्रीज़ से बाहर जाने के नियम
30.क्लीन बोल्ड के नियम
31.टाइम आउट या एक बल्लेबाज के आउट होने के बाद दूसरे का क्रीज़ पर आने से जुड़ा नियम
32.कैच से जुड़ा नियम
33.हैंडलिंग द बॉल या बॉल को संभालना से जुड़े नियम
34.गेंद को 2 बार मारना या 2 बार बैट से छूने से सम्बंधित नियम
35.हिट विकेट की से जुड़ा नियम
36.एल.बी.डब्ल्यू. या पगबाधा से जुड़े नियम
37.फील्डिंग/फील्ड में बाधा डालने से जुड़े नियम
38.रन आउट से सम्बंधित नियम
39.स्टंप आउट/ स्टंपिंग का नियम
40.विकेटकीपिंग के नियम
41.फील्डिंग के नियम
42.फेयर प्ले और अनफेयर प्ले से जुड़े नियम
(42 Rules Of Cricket In Hindi)

क्रिकेट के 42 नियम के बारे में संक्षिप्त में जानकारी आपको प्राप्त हो चुकी हैं, अब हम 42 Rules Of Cricket In Hindi के बारें में विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे.

क्रिकेट के नियम (42 Rules Of Cricket In Hindi)

42 Rules Of Cricket In Hindi क्रिकेट के 42 नियम इस खेल की आत्मा हैं, इन्हीं के आधार पर यह खेल सद्भावना के साथ खेला जाता हैं. यहाँ पर हम प्रत्येक नियम के बारें में विस्तृत चर्चा करेंगे. क्रिकेट के 42 नियम निम्नलिखित हैं-

[1] क्रिकेट का पहला नियम

क्रिकेट का पहला नियम खिलाड़ियों से जुड़ा हुआ हैं. एक क्रिकेट टीम में कप्तान सहित कुल 11 खिलाड़ी होते हैं. अनाधिकृत टूर्नामेंट्स में टीमें 11 से अधिक खिलाड़ी रख सकती हैं लेकिन फील्डिंग 11 खिलाड़ी ही कर सकते हैं.

[2] क्रिकेट का दूसरा नियम

क्रिकेट का दूसरा नियम सबस्टिट्यूट (substitute), रिटायर्ड हर्ट, पारी & रनर्स से सम्बंधित हैं. जब कोई खिलाड़ी फील्डिंग के दौरान इंजर्ड हो जाता हैं तो उसकी जगह एक सबस्टिट्यूट (substitute) खिलाड़ी को मैदान पर बुलाया जाता हैं. सबस्टिट्यूट (substitute) खिलाड़ी बैटिंग, बोलिंग और कप्तानी नहीं कर सकता हैं, सिर्फ फील्डिंग कर सकता हैं.

जब इंजर्ड खिलाड़ी ठीक होकर वापस मैदान में आता हैं तो यह खिलाड़ी पुनः बाहर चला जाता हैं.

जब कोई खिलाडी बल्लेबाजी (Batting) करते हुए इंजर्ड होता हैं तो वह अपने लिए रनर रख सकता हैं जो इंजर्ड बैट्समैन की तरफ से रन भागता हैं. दूसरी ओर यदि कोई बल्लेबाज रिटायर हर्ट या बीमार होकर बाहर जाता हैं तो वह खिलाड़ी अंत में वापस आकर बल्लेबाजी कर सकता हैं और जहां से उसकी पारी रुकी वहीं से शुरू कर सकता हैं.

[3] क्रिकेट का तीसरा नियम

क्रिकेट का तीसरा नियम अंपायर और अंपायरिंग से जुड़ा हुआ हैं. क्रिकेट के मैदान के अंदर 2 अंपायर होते हैं जबकि 3rd अंपायर मैदान के बाहर होता है जिसे टीवी अंपायर भी कहा जाता हैं.

अंपायर का मुख्य काम क्रिकेट के नियमों को लागु करना और आवश्यक फैसले लेना होता हैं. यह फैसले स्कोर बनाने वाले के पास भेजे जाते हैं ताकि वह समय-समय पर स्कोर अपडेट करता रहे.

थर्ड अंपायर जो कि क्रिकेट के मैदान से बाहर होता हैं वह अंदर खड़े दोनों अंपायर की मदद के लिए होता हैं. विषेश परिस्थिति या असमंजस की स्थिति में मदद करता हैं. वर्तमान में DRS (Decision Review System) नियम आने के बाद थर्ड अंपायर का महत्त्व बढ़ गया हैं.

[4] क्रिकेट का चौथा नियम

क्रिकेट का चौथा नियम स्कोरिंग (Score) से जुड़ा हुआ हैं. क्रिकेट में 2 स्कोरर होते हैं जो मैदानी अंपायर की सुचना/निर्णय के आधार पर स्कोरकार्ड को अपडेट करते रहते हैं.

[5] क्रिकेट का पाँचवा नियम

क्रिकेट का यह नियम बॉल से सम्बंधित हैं. क्रिकेट बॉल का नियम बताता हैं कि बॉल की परिधि (गोलाई) 8 13/16 और 9 इंच (22.4 सेमी से 22.9 सेमी) के बिच होती हैं. क्रिकेट बॉल के नियमानुसार बॉल का वजन 5.5 औंस से 5.75 औंस अथवा 155.9 से 163 ग्राम के बिच होना चाहिए.

प्रत्येक पारी में गेंद कोअनिवार्य रूप से बदला जाता हैं. लेकिन बिच में फील्डिंग करने वाली टीम के अनुरोध पर भी इसे बदला जा सकता हैं. ODI और टी-20 मैच में एक टीम के लिए एक ही बॉल का इस्तेमाल किया जाता हैं. बॉल खो (गुम) जाने पर उसके समान ही घिसी हुई गेंद का इस्तेमाल होता हैं.

टेस्ट मैच की दशा में 80 ओवर के बाद और एकदिवसीय मैच में 34 ओवर के बाद गेंद को बदला जा सकता हैं.

[6] क्रिकेट का छठा नियम

क्रिकेट का यह नियम बल्ले से जुड़ा हुआ हैं. बल्ले की लम्बाई 38 इंच (97 से.मी.) और चौड़ाई 4.25 इंच (10.28 से.मी.) से अधिक नहीं होनी चाहिए. दस्तानों (Gloves) को बैट का हिस्सा माना जाएगा जिन पर बॉल लगकर कैच होता हैं तो बैट्समैन को आउट माना जाएगा.

बल्ले का ब्लेड लकड़ी का बना हुआ होना चाहिए. बल्ले का ब्लेड वाइट विलो की लकड़ी से बनाया जाता हैं.

[7] क्रिकेट का सातवाँ नियम

क्रिकेट का यह नियम पिच से जुड़ा हुआ हैं. क्रिकेट का पिच आयताकार होता है जो क्रिकेट मैदान के बीचों-बिच स्थित होता हैं. क्रिकेट पिच की लम्बाई 20 मीटर और चौड़ाई 3 मीटर होती हैं या फिर यह कहें कि 22 गज लम्बा और 10 फ़ीट चौड़ा होता हैं.

पिच बनाने और उसका चयन करने का काम मैदान के अधिकारीयों का होता हैं. मैच प्रारम्भ होने के बाद सब कुछ अंपायर के हाथ में होता हैं. क्रिकेट का खेल घास की सतह वाले पिच पर खेला जाता हैं.

लेकिन कृत्रिम पिच बनाने की स्थिति में पिच की लम्बाई 58 फ़ीट और चौड़ाई कम से कम 6 फ़ीट होना जरुरी होता हैं.

[8] क्रिकेट का आठवाँ नियम

क्रिकेट का यह नियम विकेट्स (Stumps) से जुड़े हुए हैं. स्टंप्स पिच के दोनों छोर पर लगाए जाते हैं. पिच के दोनों छोर पर 3-3 स्टंप लगाए जाते हैं जिनकी ऊँचाई 71 सेंटीमीटर यानि कि 28 इंच होती हैं. तीनों स्टंप के चौड़ाई 9 इंच (23 से.मी.) होती हैं.

पिच के दोनों छोर पर लगाए जाने वाले स्टंप्स के ऊपर अनिवार्य रूप से 2 गिल्लियां रखी जाती हैं. स्टंप के ऊपर रखी इन गिल्लियों की ऊँचाई 0.5 इंच (3CM) से ज्यादा नहीं होती हैं.

अनिवार्य रूप से Mens Cricket में इन गिल्लियों की ऊंचाई 10.95 सेंटीमीटर होनी चाहिए. गिल्लियां बेलनाकार होती हैं. रन आउट, स्टंपिंग या बोल्ड की स्थिति गिल्लियां गिरने पर ही बैट्समैन को आउट माना जाता हैं.

[9] क्रिकेट का नौवां नियम

क्रिकेट का नौवां नियम पॉपिंग, क्रीज़ और बॉलिंग से जुड़ा हुआ हैं. पिच के दोनों तरफ एक गेंदबाजी क्रीज़, एक पॉपिंग क्रीज और दो रिटर्न क्रीज को सफ़ेद लाइन (White Line) द्वारा बनाया या चिन्हित किया जाता हैं. क्रीज मार्किंग का पिछला हिस्सा या अंतिम छोर बॉलिंग क्रीज के नाम से जाना जाता हैं. बॉलिंग क्रीज की लम्बाई 8 फ़ीट 8 इंच (2.64 मीटर) होती हैं.

पॉपिंग क्रीज बॉलिंग क्रीज के सामने एवं समानांतर 4 फ़ीट (1.22 मीटर) डिस्टेंस पर होता हैं. पिच के दोनों छोर पर मिडिल स्टंप से पॉपिंग क्रीज की लंबाई कम से कम 6 फ़ीट (1.83 मीटर) होती हैं लेकिन अधिकतम की कोई सिमा निर्धारित नहीं हैं.

क्रीज मार्किंग का अंदर वाला भाग रिटर्न क्रीज के नाम से जाना जाता हैं. यह मिडिल स्टंप से दोनों ओर 4 फ़ीट 4 इंच (1.32 मीटर) पॉपिंग क्रीज के दोनों तरफ होता हैं. दोनों तरफ के रिटर्न क्रीज को 8 फ़ीट (2.44 मीटर) तक चिन्हित किया जाता हैं लेकिन लम्बाई असीमित हो सकती हैं.

[10] क्रिकेट का दशवां नियम

क्रिकेट का यह नियम क्रीज़ पर मार्क करने, पिच पर रोलिंग एवं पानी देने से सम्बंधित हैं. इस नियम में पिच की घास को काटना, पिच तैयार करना या पिच को रोल करना आदि शामिल हैं.

[11] क्रिकेट का ग्यारहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम पिच को कवर करने या ढ़कने से सम्बंधित हैं. क्योंकि बॉल गीली पिच और सुखी पिच दोनों पर अलग-अलग व्यवहार करती हैं अर्थात दोनों में बॉल का उछाल अलग-अलग होता हैं. इस वजह से पिच को ढका या कवर किया जाता हैं.

[12] क्रिकेट का बारहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम पारी (Innings) से जुड़ा हुआ हैं. जब कोई टीम बैटिंग करने उतरती हैं और उसके सभी बल्लेबाज आउट हो जाते हैं या कोई चोटिल/अस्वस्थ खिलाड़ी बैटिंग करने नहीं आ पाता हैं तो पारी को समाप्त माना जाता हैं.

दोनों टीमों को बारी-बारी बैटिंग करनी होती हैं, फॉलोऑन की स्थिति में जरूर कोई टीम लगातार 2 बार बल्लेबाजी कर सकती हैं.

[13] क्रिकेट का तेरहवाँ नियम

क्रिकेट का तेरहवाँ नियम फॉलोऑन से जुड़ा हुआ हैं. यह टेस्ट क्रिकेट का नियम हैं. जब कोई टीम पहली टीम द्वारा पहली पारी में बनाए गए रनों से निर्धारित मानकों से भी कम रन बनाती हैं तो उसे पहली टीम द्वारा फॉलोऑन खिलाया जाता हैं अर्थात दूसरी इन्निंग्स वाली टीम को फिर से बल्लेबाजी करनी पड़ती हैं.

क्रिकेट का फॉलोऑन से जुड़ा यह नियम मैच के दिनों की संख्या पर निर्भर करता हैं. यह नियम निम्नलिखित तरीके से काम करता हैं-

मैच के दिनफॉलोऑन कब खेलना पड़ेगा
5 या अधिक दिनों का मैचपहली पारी में 200 या 200+ रनों की बढ़त
3 या 4 दिन का मैचपहली पारी में 150 या 150+ रनों की बढ़त
2 दिन का मैचपहली पारी में 100 या 100+ रनों की बढ़त
एकदिवसीय मैचपहली पारी में 75 या 75+ रनों की बढ़त

[14] क्रिकेट का चौदहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम पारी घोषित करने से सम्बंधित हैं. इस नियम में पारी घोषित करना या अधिकार सौंपने के सम्बन्ध में बताया गया हैं. बल्लेबाजी करने वाली टीम के कप्तान को जब यह लगता हैं कि पर्याप्त रन बन चुके हैं या गेंद खराब हो चुकी हैं तो वह पारी की घोषणा करने का अधिकार रखता हैं.

कोई भी कप्तान पारी शुरू होने से पहले भी पारी घोषित कर सकता हैं. पारी घोषित होने के बाद सामने वाली टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया जाता हैं.

[15] क्रिकेट का पन्द्रहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम ब्रेक या अंतराल से जुड़ा हुआ हैं. क्रिकेट मैच के बिच नियमित समय या स्थिति में अंतराल (Break) होते हैं. जिसमें लंच टाइम, टी टाइम और ड्रिंक्स टाइम शामिल होता हैं.

पहले सेशन के बाद 40 मिनिट का लंच, फिर टी टाइम जो कि 20 मिनिट का होता हैं और ड्रिंक्स टाइम 10 मिनिट का होता हैं.

परिस्थिति के अनुसार इसमें बदलाव भी किया जा सकता हैं. अगर किसी टीम के 9 विकेट गिर गए हैं तो टी ब्रेक को अगले विकेट के पतन तक या 30 तक बढ़ाया जा सकता हैं.

[16] क्रिकेट का सोलहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम मैच को शुरू या बंद करने से जुड़ा हुआ हैं. किसी भी मैच की शुरुआत अंपायर द्वारा “Play” कॉल से होती हैं. जबकि मैच की समाप्ति निश्चित समय द्वारा होती हैं.

किसी भी मैच के अंतिम एक घंटे में कम से कम 20 ओवर्स का खेल होता हैं लेकिन सिचुएशन के हिसाब से इनको घटाया या बढ़ाया जा सकता हैं.

यह अंपायर के Decesion पर निर्भर करता हैं.

[17] क्रिकेट का सत्रहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम ग्राउंड पर प्रैक्टिस से जुड़ा हुआ हैं. मैच शुरू होने से लेकर ख़त्म होने तक कोई भी बैट्समैन या गेंदबाज पिच पर प्रैक्टिस नहीं कर सकता हैं. अगर गेंदबाज चाहे तो रनर अप का परिक्षण कर सकता हैं.

गेंदबाज भी यह परिक्षण तब ही कर सकता हैं जब अंपायर की नजर में मैच का टाइम बर्बाद नहीं हो रहा हो अन्यथा अंपायर गेंदबाज को मना कर सकता हैं.\

[18] क्रिकेट का अठारहवां नियम

क्रिकेट का यह नियम रन (Run) से जुड़ा हुआ हैं. जब एक बल्लेबाज शॉट मारकर एक छोर से दूसरे छोर तक भागता हैं तो एक रन माना जाता हैं. इस तरह वह जितने रन भागेगा उतने रन काउंट किए जायेंगे.

एक बॉल पर कई रन बन सकते हैं.

[19] क्रिकेट का उन्नीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम “बॉउंड्री” से जुड़ा हुआ हैं. क्रिकेट ग्राउंड की एक निश्चित बॉउंड्री लाइन होती हैं, जिसका निर्धारण पहले कर लिया जाता हैं.

जब बैट्समैन बॉल को बैट से मारता हैं और बॉल टिप्पा खाकर बॉउंड्री लाइन को पार कर जाती हैं तो इसे चौका (Four) माना जाता हैं जबकि डायरेक्ट बॉउंड्री लाइन के पार जाकर गिरती हैं तो छक्का (Six) माना जाता हैं.

[20] क्रिकेट का बीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम बॉल खो जाना/गुम होना से सम्बंधित हैं. जब मैच के दौरान गेंद खो जाती हैं या गुम हो जाती हैं तो फील्डिंग करने वाली टीम नई बॉल की माँग सकती हैं.

[21] क्रिकेट का इक्कीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम “मैच के परिणाम” से जुड़ा हुआ हैं. मैच के रिजल्ट के समय जिस टीम के ज्यादा रन होते हैं उसे विजेता घोषित कर दिया जाता हैं. अगर मैच के ख़त्म होने के समय दोनों टीम्स के बराबर रन हैं तो यह मैच टाई करार दिया जाता हैं.

[22] क्रिकेट का बाईसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम ओवर से जुड़ा हुआ हैं. एक ओवर में 6 बॉल होती हैं. अगर कोई बॉलर वाइड बॉल या नो बॉल फेंकता हैं तो इन्हें ओवर में नहीं गिना जाता हैं. कोई भी गेंदबाज लगातार 2 ओवर गेंदबाजी नहीं फेक सकता हैं.

पिच के एक ही छोर से लगातार गेंदबाजी नहीं फेंकी जाती हैं, हर बार अलग-अलग छोर से ओवर डाला जाता हैं.

[23] क्रिकेट का तेइसवां नियम

आउट ऑफ़ 42 Rules Of Cricket में क्रिकेट का यह नियम “डेड बॉल” से जुड़ा हुआ हैं. मैच के दौरान कई बार ऐसी परिस्थिति आती हैं जब गेंद को डेड बॉल माना जाता हैं. जैसे कि-

  • गेंद विकेटकीपर के दस्तानों में जाने के बाद.
  • बैट्समैन के आउट होने के बाद.
  • गेंद बॉउंड्री लाइन से बाहर जाने के बाद.

उपरोक्त तीनों परिस्थितियों में बैट्समैन को आउट नहीं माना जाता हैं. डेड बॉल का अर्थ हैं निष्क्रिय या बेकार गेंद, इस पर कोई भी बल्लेबाज आउट नहीं होता हैं. कई बार अंपायर भी डेड बॉल करार देते हैं.

[24] क्रिकेट का चौबीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम नो बॉल से जुड़ा हुआ हैं. नो बॉल पर बैट्समैन को आउट नहीं माना जाता हैं और यह बॉल गेंदबाज को वापस डालनी पड़ती हैं इतना ही नहीं नो बॉल पर एक अतिरिक्त रन भी जुर्माने के तौर पर बैटिंग करने वाली टीम को मिलता हैं.

नो बॉल के कारण-

1 गेंदबाजी के दौरान बॉलर का पैर क्रीज से बाहर आने पर.

2 फेंकी गई बॉल बैट्समैन की बिना टप्पा खाए सीधी कमर से ऊपर होने पर.

3 गेंदबाज की कोहनी सीधी होने पर.

4 एक ओवर में दूसरी बार बाउंस बॉल फेकने पर.

5 कई टिप्पे खाकर बॉल बैट्समैन तक पहुँचने पर.

6 नियमानुसार 30 गज के दायरे से बाहर निर्धारित संख्या से अधिक खिलाड़ी होने की दशा में.

[25] क्रिकेट का पच्चीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम वाइड बॉल से जुड़ा हुआ हैं. जब गेंदबाज द्वारा डाली गई बॉल बैट्समैन के ऑफ साइड या लेग साइड में वाइड बॉल मार्किंग से बाहर हो तो इसे वाइड बॉल करार दिया जाता हैं.

वाइड बॉल पर बैट्समैन स्टंपिंग या रन आउट हो सकता हैं. यह बॉल गेंदबाज को वापस डालनी पड़ती हैं. वाइड बॉल बल्लेबाजी कर रही टीम को एक अतिरिक्त रन मिलता हैं.

[26] क्रिकेट का छब्बीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम बाय और लेग बाय से जुड़ा हुआ हैं. जब गेंदबाज बॉल फेकता हैं और वह बॉल बैट्समैन को चकमा देते हुए निकल जाती हैं जिस पर ना तो बैट्समैन का बैट टच होता हैं और ना ही कीपर या फील्डर उसे रोक पाता हैं अगर ऐसी बॉल पर बैट्समैन रन दौड़ता हैं या बॉउंड्री चली जाती हैं तो यह बाय के रन होते हैं. यह रन बैट्समैन के काउंट नहीं होकर टीम के खाते में जोड़े जाते हैं.

जबकि लेग बाय की स्थिति में बॉल बैट्समैन के बैट से नहीं लगकर शरीर के किसी हिस्से से टकराकर दूर जाती हैं और बैट्समैन रन बनाता हैं तो यह लेग बाय माना जाता हैं. यह रन भी टीम के खाते में जुड़ते हैं.

[27] क्रिकेट का सत्ताइसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम अपील से जुड़ा हुआ हैं. इस नियम के तहत बॉलर के साथ-साथ सभी फील्डर्स को यह अधिकार होता हैं यदि उन्हें लगे कि बल्लेबाज आउट हैं तो वह अंपायर से पूछ सकते हैं How Is That?.

अपील का अधिकार बॉलर के साथ-साथ फील्डर्स को भी होता हैं.

[28] क्रिकेट का अट्ठाईसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम विकेट गिरने से जुड़ा हुआ हैं. जब फील्डर या बॉलर कम से कम स्टंप से एक गिल्ली निचे गिरा देता हैं तब बैट्समैन को आउट माना जाता हैं.

[29] क्रिकेट का उनत्तीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम बल्लेबाज के क्रीज़ से बाहर जाने से जुड़ा हुआ हैं. जब कोई बैट्समैन क्रीज से बाहर हैं तो वह स्टंपिंग या रन आउट हो सकता हैं.

अगर दोनों बैट्समैन क्रीज के बीचोंबीच हैं तो रन आउट किया जाता हैं तो जिस तरफ थ्रो मारा जाता हैं उसके सबसे करीब बैट्समैन को आउट माना जायेगा.

[30] क्रिकेट का तीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम “क्लीन बोल्ड” से जुड़ा हुआ हैं. जब गेंदबाज द्वारा फेंकी गई बॉल सीधी स्टंप पर जाकर लगती हैं और गिल्लियाँ गिर जाती हैं तो बल्लेबाज को आउट माना जाता हैं.

यहाँ यह भी ध्यान रखने योग्य बात हैं कि यह बॉल बैट्समैन के पेड,ग्लव्स को छूकर भी स्टंप पर लगती हैं तो बल्लेबाज को आउट माना जाता हैं. यदि बॉल किसी अन्य खिलाड़ी या अंपायर को छूकर स्टंप पर लगती हैं तो बैट्समैन को आउट नहीं माना जाएगा.

[31] क्रिकेट का इकतीसवाँ नियम

क्रिकेट का यह नियम “टाइम्ड आउट” से जुड़ा हुआ हैं. यह नियम कहता हैं कि किसी भी बल्लेबाज के आउट होने के बाद अगला बल्लेबाज (Next Batsman) 3 मिनिट के समय अंतराल में क्रीज में पहुंचकर बैटिंग करने की पोजीशन में होना चाहिए नहीं तो उसे आउट करार दिया जाएगा.

[32] क्रिकेट का बत्तीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम कैच (Catch) से जुड़ा हुआ हैं. इस नियम के तहत जब गेंदबाज द्वारा डाली गई बॉल बल्लेबाज के बैट या ग्लव्स को छूती हुई किसी फील्डर या कीपर के हाथों में बिना जमीन को छुए चली जाती हैं तो बैट्समैन को कैच आउट माना जाएगा.

[33] क्रिकेट का तैंतीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम “बॉल को सँभालने का नियम” हैं. इस नियम को “हैंडलिंग द बॉल” (Cricket Rules About Handling The Ball) के नाम से भी जाना जाता हैं. इस नियम के तहत कोई बल्लेबाज ऐसी गेंद को छूता हैं या हाथ में ले लेता हैं जो बल्ले (Bat) के टच नहीं हुई हैं तो ऐसे में बैट्समैन को आउट माना जाएगा.

[34] क्रिकेट का चौंतीसवाँ नियम

क्रिकेट का यह नियम “बॉल का दो बार बल्ले को छूना” से जुड़ा हुआ हैं. जब कोई बैट्समैन बिना विपक्षी टीम की सहमति के बॉल को 2 बार बल्ले से मारता हैं तो उसे आउट माना जाएगा.

[35] क्रिकेट का पैंतीसवाँ नियम

आउट ऑफ़ 42 Rules Of Cricket यह नियम “हिट विकेट” (Hit Wicket) से सम्बंधित हैं. जब किसी बल्लेबाज (Batsman) का शॉट खेलते समय बल्ला (Bat) या शरीर का कोई भी भाग स्टंप्स के टच हो जाता हैं और गिल्लियां गिर जाती हैं तो बल्लेबाज को हिट विकेट आउट माना जाता हैं.

यदि कोई बल्लेबाज रन दौड़ते समय विकेट के टच होता हैं और गिल्लियां गिर जाती हैं तो भी उसे आउट माना जाएगा.

[36] क्रिकेट का छत्तीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम पगबाधा (Leg Before Wicket) से जुड़ा हुआ हैं. पगबाधा को संक्षिप्त में एल.बी.डबल्यू. (LBW) भी कहा जाता हैं. जब गेंदबाज द्वारा फेंकी गई बॉल विकेट की लाइन में टप्पा खाकर बल्लेबाज को चकमा देते हुए विकेट की ओर जा रही होती हैं और बल्लेबाज के बॉडी का कोई भाग बिच में आ जाता हैं तो बल्लेबाज को आउट माना जाएगा.

जबकि बॉल लेग साइड में टप्पा खाकर स्टंप्स को ओर आती हैं और बल्लेबाज के बॉडी के किसी भाग से टकरा जाती हैं, चाहे वह स्टंप्स की ओर जा रही हो बल्लेबाज को नॉट आउट माना जाएगा.

[37] क्रिकेट का सैंतीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम “फील्ड में बाधा डालने” से सम्बंधित हैं. जब किसी Batsman द्वारा अपने शब्दों या गतिविधि द्वारा फील्ड में बाधा डालने का प्रयास किया जाता हैं तो उसे अंपायर द्वारा आउट दिया जाता हैं.

[38] क्रिकेट का अड़तीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम रन आउट से जुड़ा हुआ हैं. कोई बल्लेबाज जब रन लेने के लिए क्रीज से बाहर निकलता हैं और उसके क्रीज में पहुँचने से पहले ही विपक्षी टीम का खिलाड़ी या Fielder बॉल स्टंप पर मारकर गिल्लियाँ गिरा देता हैं तो वह बल्लेबाज रन आउट माना जाता हैं.

[39] क्रिकेट का उनचालीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम स्टंपिंग (Stumping) से जुड़ा हुआ हैं. जब कोई बैट्समैन शॉट खेलने के लिए बैटिंग क्रीज से बाहर आ जाता हैं और रन लेने का प्रयास भी नहीं करता हैं, ऐसी स्थिति में जब बॉल विकेटकीपर के हाथों में चली जाती हैं तो वह बॉल से स्टंप और गिल्लियां बिखेर देता हैं. ऐसे बैट्समैन को स्टंपिंग आउट माना जाता हैं.

[40] क्रिकेट का चालीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम विकेटकीपर से जुड़ा हुआ हैं. हर प्लेइंग 11 ऐसा खिलाड़ी होता हैं जो पैड, लेग गॉर्ड और हेलमेट पहनकर विकेट के पीछे खड़ा रहता हैं या फील्डिंग करता हैं ऐसा खिलाड़ी विकेटकीपर कहलाता हैं.

[41] क्रिकेट का इकतालीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम क्षेत्ररक्षण (Fielding) से जुड़ा हुआ हैं. इस नियम के अनुसार फील्डिंग टीम के खिलाड़ी सामने वाली टीम के बल्लेबाज द्वारा शॉट मारने पर गेंद को बॉउंड्री लाइन से बाहर जाने से रोकते हैं, रन लेने से रोकते हैं और आउट करने का प्रयास करते हैं, बॉल जमीन पर टच होने से पहले कैच पकड़ते हैं ताकि बैट्समैन को आउट किया जा सके.

[42] क्रिकेट का बयालीसवां नियम

क्रिकेट का यह नियम फेयर प्ले और अनफेयर प्ले से जुड़ा हुआ हैं. यह नियम क्रिकेट खेल का उचित या अनुचित खेल का परिक्षण करता हैं. आउट ऑफ़ 42 Rules Of Cricket in hindi यह अंतिम नियम हैं.

स्टॉप क्लॉक रूल (क्रिकेट का नया नियम)

ICC द्वारा क्रिकेट का नया नियम लाया गया हैं जो टी-20 वर्ल्ड कप 2024 से इंटरनेशनल क्रिकेट में लागु होने जा रहा हैं. यह नियम खेल की गति बढ़ाने या औसत समय का पालन करने के लिए अतिमहत्वपूर्ण हैं. दिसंबर 2023 में यह नियम ट्रायल के तौर पर लागु किया गया था जिसे अब स्थाई तौर पर लागु किया जा रहा हैं.

इस नियम के अंतर्गत फील्डिंग करने वाली टीम को एक ओवर खत्म होने के 60 सेकंड के भीतर दूसरे ओवर की पहली बॉल डालनी होती हैं. अगर ऐसा करने में सामने वाली टीम कामयाब नहीं होती हैं तो उसे अंपायर द्वारा 2 बार चेतावनी दी जाएगी लेकिन यदि तीसरी बार भी इस नियम का उल्लंघन किया जाता हैं तो अंपायर फील्डिंग करने वाली टीम पर पेनल्टी के रूप में 5 रनों की पेनल्टी लगेगी.

इस नियम को लागु करने की जिम्मेदारी अंपायर की होगी. इसमें यह भी देखा जाएगा की देरी बल्लेबाज या डीआरएस की वजह से तो नहीं हुई हैं. अगर बल्लेबाजी करने वाली टीम की वजह से यह हुआ हैं तो फील्डिंग टीम पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी. 1 जून 2024 से स्टॉप क्लॉक रूल टी-20 और एकदिवसीय मैचों में लागु होने जा रहा हैं.

सारांश

यह लेख 42 Rules Of Cricket In Hindi पर आधारित था जिसमें क्रिकेट खेल के नियम, कायदे और कानून हैं. इन्हीं नियमों में क्रिकेट का खेल खेला जाता हैं. इन नियमों में बॉल, बैट, मैदान, खिलाड़ी, आउट, हार-जीत से सम्बंधित नियम शामिल हैं. क्रिकेट के नियम ही हैं जो इस खेल में अनुशासन बनाए रखने का काम करते हैं.

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Women Cricket Winners List In Hindi.
क्रिकेट का इतिहास (History Of Cricket In Hindi).
वर्ल्ड कप 1983 के खिलाड़ी.
इमरान ताहिर का जीवन परिचय